दो स्त्रियों की कहानी
1 राजा 3:16-28
कहानी...
शाही न्याय-भवन पर सन्नाटा छा गया, और सबकी निगाहें राजा सुलैमान पर लगी रहीं। उसके नौकर सोचने लगे कि युवा सम्राट इस पेचीदा मामले को कैसे सुलझाएगा। दो माताएँ एक कमरा साझा कर रही थीं, और प्रत्येक ने लगभग एक ही समय में एक बच्चे को जन्म दिया। रात के दौरान, माताओं में से एक ने गलती से पलट कर अपने बेटे पूरी तरह दबा दिया था। जब वह सुबह जल्दी उठी और देखा कि उसका बच्चा ठंडा और अचल है, परेशान स्त्री ने अपनी कक्ष साथी के सोते हुए बच्चे को अपने पास ले लिया और अपने मृत बच्चे को उसके स्थान पर रख दिया।
बाद में दूसरी माँ जागी, मरे हुए बच्चे को देखा और शोक से विलाप करने लगी। लेकिन शिशु की जांच करने के बाद, उसने जल्दी ही महसूस किया कि यह उसका बच्चा नहीं था। कमरे के उस पार वह अपनी कक्ष साथी को अपने बच्चे को कसकर पकड़े हुए देख सकती थी।
अब दोनों स्त्रियाँ जीवित शिशु को अपने अधिकार में लेने के लिए सम्राट के सामने खड़ी हो गईं।
“यह बच्चा मेरा है!” एक स्त्री चिल्लाई।
“नहीं, मरा हुआ बच्चा तुम्हारा था!” दूसरी स्त्री ने विरोध किया।
राजा कैसे निर्धारित करेगा सच्ची माँ कौन थी? सुलैमान ने उनकी बहस को बाधित किया और एक गार्ड को तलवार लेने और जीवित शिशु को दो भागों में बांटने के लिए कहा। पहले तो सिपाही ने सोचा सम्राट मजाक कर रहा था, लेकिन सुरक्षाकर्मी की हिचकिचाहट पर सुलैमान ने तीक्ष्ण दृष्टि से देखना शुरू किया। धीरे-धीरे उसने अपनी तेज, चमकती हुई तलवार खींची और उस स्त्री की ओर बढ़ा, जो बच्चे को पकड़े हुए थी।
अचानक सच्ची माँ राजा के चरणों में गिर पड़ी और बोली, “उस स्त्री को बच्चे को लेने दो, लेकिन कृपया इसे मत मारो!” लेकिन दूसरी स्त्री ने कहा, “यह न तो मेरा हो और न ही तुम्हारा हो, लेकिन इसे विभाजित कर दो।” अब सुलैमान निःसंदेह जानता था कि सच्ची माता कौन है।
भविष्यद्वाणी में, एक स्त्री कलीसिया का प्रतीक है (यिर्मयाह 6:2)। अंत के दिनों में इतनी कलीसियाएं होने के कारण, हम नकली और सच्ची अंतिम-दिनों की कलीसिया, जिसके पास जीवित पुत्र है, के बीच का अंतर कैसे समझ सकते हैं। सुलैमान की तरह, हमें परमेश्वर के वचन की तलवार का उपयोग करना चाहिए (इब्रानियों 4:12)!
अध्ययन
प्रत्येक बाइबल पद पढ़ने के बाद रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।
1. प्रकाशितवाक्य परमेश्वर की सच्ची कलीसिया को किस प्रकार चित्रित करता है?
प्रकाशितवाक्य 12:1, 2, 5 “एक ________ जो सूर्य् ओढ़े हुए थी, और चान्द उसके पांवों तले था, और उसके सिर पर बारह तारों का मुकुट था। और वह ________ हुई, और चिल्लाती थी; क्योंकि प्रसव की पीड़ा उसे लगी थी और वह बच्चा जनने की पीड़ा में थी। और वह बेटा जनी जो _______ का दण्ड लिए हुए, सब जातियों पर राज्य करने पर था, और उसका बच्चा एकाएक परमेश्वर के पास, और उसके सिंहासन के पास उठा कर पहुंचा दिया गया।”
ध्यान दें: बाइबल की भविष्यद्वाणी में, परमेश्वर की कलीसिया को एक शुद्ध स्त्री द्वारा दर्शाया गया है
(यिर्मयाह 6:2)। प्रकाशितवाक्य 12 में, वह सूर्य्, चान्द और तारों से आवृत्त थी-परमेश्वर की सृष्टि का प्राकृतिक प्रकाश। यीशु ने कलीसिया से कहा, “तुम जगत की ज्योति हो।” मत्ती 5:14. सूर्य यीशु के प्रकाश का प्रतिनिधित्व करता है (भजन 84:11; मलाकी 4:2)। उसके पांवों तले का चंद्रमा पुराने नियम की बलिदान प्रणाली के प्रकार और छाया का प्रतिनिधित्व करता है। जिस प्रकार चन्द्रमा सूर्य के प्रकाश को प्रतिबिम्बित करता है, उसी प्रकार बलिदान प्रणाली मददगार थी क्योंकि यह आने वाले मसीहा के प्रकाश को दर्शाती थी (कुलुस्सियों 2:16, 17;
इब्रानियों 10:1)। उसके सिर पर बारह तारे कलीसिया की अगुवाई का प्रतीक हैं-पुराने नियम में 12 गोत्र और नए नियम में 12 प्रेरित। वह जो लोहे के दण्ड से सभी जातियों पर राज्य करेगा, वह यीशु है (भजन संहिता 2:7-9; प्रकाशितवाक्य 19:13-16)।
2. “बड़ा लाल अजगर” कौन है, और वह क्या करने की कोशिश करता है?
प्रकाशितवाक्य 12:9 “और वह बड़ा अजगर अर्थात वही पुराना सांप, जो ______ और ______ कहलाता है।”
प्रकाशितवाक्य 12:4 “और वह अजगर उस स्त्री के साम्हने जो जच्चा थी, खड़ा हुआ, कि जब वह बच्चा जने तो उसके बच्चे को ______ जाए।”
ध्यान दें: अजगर शैतान है, जो यीशु के जन्म के समय मूर्तिपूजक रोमन साम्राज्य के माध्यम से काम कर रहा था। शैतान ने रोम के अधीन एक शासक हेरोदेस को बैतलहम में सभी शिशुओं को मारकर बच्चे यीशु की हत्या करने की कोशिश करने के लिए प्रभावित किया (मत्ती 2:16)।
3. शैतान द्वारा यीशु को नष्ट करने में विफल रहने के बाद क्या होता है?
प्रकाशितवाक्य 12:5 “और उसका बच्चा एकाएक परमेश्वर के पास, और उसके सिंहासन के पास उठा कर _______ दिया गया।”
ध्यान दें: अपने पुनरुत्थान के बाद, यीशु स्वर्ग और परमेश्वर के सिंहासन पर चढ़ गया (प्रेरितों के काम 1:9-11), जहां वह शैतान की पहुंच से बाहर था।
4. यीशु के स्वर्ग में उठाए जाने के बाद, शैतान ने कलीसिया के साथ क्या किया?
प्रकाशितवाक्य 12:13 “जब अजगर ने देखा, कि मैं पृथ्वी पर गिरा दिया गया हूं, तो उस स्त्री को जो बेटा जनी थी, _______।”
ध्यान दें: जब शैतान अब यीशु पर अपनी नफरत नहीं निकाल सका, तो उसने अपने क्रोध को कलीसिया के विरुद्ध मोड़कर यीशु को चोट पहुँचाने का फैसला किया।
5. उत्पीड़न के इस भयानक दौर में स्त्री कहां गई? ये कितने समय तक चला?
प्रकाशितवाक्य 12:6 “वह स्त्री उस _______ को भाग गई, जहां परमेश्वर की ओर से उसके लिये एक जगह तैयार की गई थी, कि वहां वह एक हजार दो सौ साठ दिन तक पाली जाए।”
ध्यान दें: अपने शत्रुओं से छिपने के लिए, स्त्री (परमेश्वर की कलीसिया) जंगल में भाग गई (पृथ्वी के दूरस्थ स्थान)। यह एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक तथ्य है कि अंधकार युग के दौरान परमेश्वर के लोग धार्मिक स्वतंत्रता प्राप्त करने और पोप के उत्पीड़न से सुरक्षा के लिए अमेरिका के तटों सहित, पृथ्वी की गुफाओं और एकान्त स्थानों में भाग गए। 1,260 दिन (बाइबल में भी 42 महीने या साढ़े तीन वर्ष के रूप में भी वर्णित) उत्पीड़न की भयानक 1,260 वर्ष की अवधि को दर्शाता है जिसके दौरान लाखों लोग अपने विश्वास के लिए मारे गए। इस समय अवधि के दौरान, परमेश्वर की कलीसिया जीवित थी लेकिन एक आधिकारिक, दृश्यमान संगठन के रूप में पहचाने जाने योग्य नहीं था। (देखो “उत्पीड़न के वर्ष” शीर्षक वाला अनुपूरक)।
6. परमेश्वर की सच्ची कलीसिया के दो अन्य पहचान चिन्ह क्या हैं?
प्रकाशितवाक्य 12:17 “और अजगर स्त्री पर क्रोधित हुआ, और उसकी शेष सन्तान से जो परमेश्वर की _______ को मानते, और यीशु की _______ देने पर स्थिर हैं, लड़ने को गया।”
ध्यान दें: परमेश्वर की बकिया (शेष) कलीसिया, जिसमें वह अपने सभी लोगों को बुला रहा है, परमेश्वर की दस आज्ञाओं (सब्त के दिन सहित) का पालन करेंगे। उसके पास यीशु की गवाही भी होगी, जो भविष्यद्वाणी की आत्मा, या उपहार है (प्रकाशितवाक्य 19:10)। परमेश्वर अपने अंतिम समय की कलीसिया को “शेष” कहते हैं, क्योंकि यह सिद्धांत और विशेषता में प्रेरितिक कलीसिया के समान है। “शेष” कपड़े के एक बोल्ट (थान) का अंतिम शेष हिस्सा है। यह बिल्कुल उसी बोल्ट के पहले टुकड़े की तरह है।
7. यीशु के अनुसार हम उसके लिए अपने प्रेम का प्रदर्शन कैसे करते हैं?
यूहन्ना 14:15 “यदि तुम मुझ से प्रेम रखते हो, तो मेरी आज्ञाओं को _______|”
1 यूहन्ना 5:3 “और परमेश्वर का प्रेम यह है, कि हम उस की आज्ञाओं को ________।”
ध्यान दें: हमारी शुरुआती कहानी में, सुलैमान सच्ची माँ की पहचान उसके वास्तविक प्रेम के प्रदर्शन से कर पाया। उसी तरह, परमेश्वर की सच्ची कलीसिया को उसके बलिदानी प्रेम और उसकी आज्ञाओं का पालन करने की उसकी इच्छा से पहचाना जाएगा।
8. परमेश्वर की अंत समय कलीसिया तीन स्वर्गदूतों के कौन से संदेशों का प्रचार कर रही होगी?
क. प्रकाशितवाक्य 14:7 “परमेश्वर से डरो; और उस की महिमा करो; क्योंकि उसके ________ करने का समय आ पहुंचा है, और उसका भजन करो, _______ स्वर्ग और पृथ्वी और समुद्र और जल के सोते बनाए।”
ख. प्रकाशितवाक्य 14:8 “फिर इस के बाद एक और दूसरा स्वर्गदूत यह कहता हुआ आया, कि गिर पड़ा, वह बड़ा ________ ________ पड़ा जिस ने अपने व्यभिचार की कोपमय मदिरा सारी जातियों को पिलाई है।”
ग. प्रकाशितवाक्य 14:9, 10 “फिर इन के बाद एक और स्वर्गदूत बड़े शब्द से यह कहता हुआ आया, कि जो कोई उस ______ और उस की मूरत की पूजा करे, और अपने माथे या अपने हाथ पर उस की _______ ले। तो वह परमेश्वर का प्रकोप की निरी मदिरा जो उसके क्रोध के कटोरे में डाली गई है, पीएगा और पवित्र स्वर्गदूतों के साम्हने, और मेम्ने के साम्हने आग और गन्धक की पीड़ा में पड़ेगा।”
ध्यान दें: इन तीन स्वर्गदूतों के बयान उन तीन जरूरी संदेशों का प्रतिनिधित्व करते हैं जो यीशु के लौटने से पहले परमेश्वर की कलीसिया प्रचार करेगी।
9. परमेश्वर की कलीसिया किससे इन संदेशों का प्रचार करेगी?
प्रकाशितवाक्य 14:6 ‘जिस के पास पृथ्वी पर के रहने वालों की हर ________ ________, और कुल, और भाषा, और लोगों को सुनाने के लिये सनातन सुसमाचार था।”
ध्यान दें: परमेश्वर की अंत-समय कलीसिया पृथ्वी पर हर राष्ट्र को इस महान त्रि-दूतीय संदेश का प्रचार करेगी।
10. उसकी अंत-समय कलीसिया की सकारात्मक रूप से पहचान करने में मदद करने के लिए परमेश्वर ने अपने वचन में क्या विशिष्टताएँ दी हैं?
क. 1798 में जंगल से निकलने के बाद यह प्रकट होगा और अपना दृश्य कार्य करेगी (प्रकाशितवाक्य 12:6, 13-17)।
ख. यह वही सत्य सिखाएगा जो प्रेरितों ने सिखाया, और उसकी सभी शिक्षाएं बाइबल से सहमत होंगी (प्रकाशितवाक्य 12:17)।
ग. यह बाइबल सब्त सहित दस आज्ञाओं का पालन करेगी (प्रकाशितवाक्य 12:17)।
घ. इसके पास भविष्यद्वाणी की आत्मा होगी (प्रकाशितवाक्य 12:17; 19:10)।
ङ. यह परमेश्वर के तीन अंतिम समय के संदेशों को ऊँची आवाज के साथ घोषित करेगा (प्रकाशितवाक्य 14:6-14)।
च. यह एक विश्वव्यापी आंदोलन होगा (प्रकाशितवाक्य 14:6)।
छ. यह सनातन सुसमाचार की शिक्षा देगा, कि उद्धार केवल यीशु मसीह के द्वारा है (प्रकाशितवाक्य 14:6)।
ध्यान दें: बहुत से प्रिय मसीही उन कलीसियाओं के सदस्य हैं जो ऊपर दी गई विशिष्टताओं को पूरा नहीं करते हैं। हालाँकि, ऐसी कोई भी कलीसिया परमेश्वर की शेष कलीसिया नहीं हो सकती है जिसमें वह अपने सभी ईमानदार बच्चों को बुला रहा हो, क्योंकि उसकी अंत-समय कलीसिया को सभी सात विशिष्टताओं को पूरा करना होगा।
11. यीशु आपको ये सात भविष्यसूचक पहचान संकेत देता है और फिर कहता है, “जाओ और मेरी कलीसिया को खोजो।” वह आपकी खोज के संबंध में क्या वादा करता है?
लूका 11:9 “ढूंढ़ो तो तुम ________।”
12. दुनिया में कितने कलीसियाई संगठन इन सात बिंदुओं पर खरे उतरेंगे?
इफिसियों 4:5 “एक प्रभु, ________ __________, एक बपतिस्मा।
ध्यान दें: पूरी दुनिया में केवल एक कलीसिया इन सभी विशिष्टताओं पर खरी उतरती है-सेवेंथ-डे एडवेंटिस्ट कलीसिया, जो आपके लिए यह संगोष्ठी संदेश ला रहा है। यह अभी पूरी दुनिया में प्रकाशितवाक्य 14:6-12 के तीन स्वर्गदूतों के महान संदेशों का प्रचार कर रही है। लाखों जवाब दे रहे हैं।
13. कई संप्रदाय स्वयं को मसीह कहते हैं। क्या यह उन्हें परमेश्वर की सच्ची कलीसिया बनाता है?
यशायाह 4:1 “उस समय सात स्त्रियां एक पुरूष को पकड़कर कहेंगी कि ________ तो हम अपनी ही खाएंगी, और ________ अपने ही पहिनेंगी, केवल हम _______ कहलाएं; हमारी नामधराई को दूर कर।”
ध्यान दें: रोटी परमेश्वर के वचन का प्रतीक है (यूहन्ना 6:35, 51, 52, 63), और परिधान धार्मिकता का प्रतीक है (प्रकाशितवाक्य 19:8)। इस भविष्यद्वाणी में सात स्त्रियां के पास अपनी खुद की रोटी (सत्य की अवधारणा) है और वे अपना खुद का वस्त्र (धार्मिकता) रखना चाहतीं हैं। वे मसीह की धार्मिकता का बेदाग वस्त्र नहीं चाहतीं। वे केवल यीशु का नाम लेना चाहतीं हैं, शायद इसलिए कि बाइबल कहती है, “स्वर्ग के नीचे मनुष्यों में और कोई दूसरा नाम नहीं दिया गया, जिस के द्वारा हम उद्धार पा सकें” प्रेरितों के काम 4:12।
14. एक बार जब कोई व्यक्ति परमेश्वर की सच्ची अंत समय कलीसिया ढूंढ निकालता है, तो क्या सदस्य बनना आवश्यक है?
प्रेरितों के काम 2:47 “और जो उद्धार पाते थे, ________ को प्रभु प्रति दिन _________ में मिला देता था।”
ध्यान दें: हाँ, परमेश्वर की अंत समय कलीसिया में सदस्यता अनिवार्य है। ध्यान दें कि कितनी स्पष्ट रूप से सदस्यता के बारे में परमेश्वर इस प्रश्न का उत्तर देता हैः
• हम सब एक देह में बुलाए गए हैं (कुलुस्सियों 3:15)।
• वह शरीर कलीसिया है (कुलुस्सियों 1:18)।
• हम बपतिस्मे के द्वारा उस शरीर में प्रवेश करते हैं (1 कुरिन्थियों 12:13)।
आज परमेश्वर की कलीसिया में प्रवेश करना उतना ही अनिवार्य है जितना कि नूह के दिनों में जहाज में प्रवेश करना था। यहोवा कहता है, “तू अपने सारे घराने समेत जहाज पर चढ़ जा।” उत्पत्ति 7:1।
15. नूह के दिनों में बचने के कितने रास्ते थे?
इब्रानियों 11:7 “विश्वास ही से नूह ने ... अपने घराने के बचाव के लिये _______________ बनाया।”
ध्यान दें: यीशु कहता है कि उसके दूसरे आगमन से ठीक पहले का समय नूह के दिनों के समान होगा
(लूका 17:26)। बचने का एक ही रास्ता होगा, जैसे नूह के दिनों में एक ही जहाज था।
16. चूँकि अन्य कलीसियाओं में बहुत से विश्वासयोग्य मसीही हैं और चूँकि परमेश्वर के पास केवल एक सच्ची बकिया कलीसिया है, नेकदिल मसीहियों का क्या होगा?
यूहन्ना 10:16 “और मेरी और भी भेड़ें हैं, जो इस भेड़शाला की नहीं; मुझे उन का भी ________ अवश्य है, वे मेरा शब्द ________ तब ______ ही झुण्ड और एक ही चरवाहा होगा।”
प्रकाशितवाक्य 18:2, 4 “गिर गया बड़ा बाबुल गिर गया है ... हे मेरे ________, उस में से __________ आओ कि तुम उसके पापों में भागी न हो, और उस की विपत्तियों में से कोई तुम पर आ न पड़े।”
ध्यान दें: यीशु अपने सभी वफादार, ईमानदार अनुयायियों को बाबुल से बाहर आने के लिए बुलाएगा। वे उसकी आवाज सुनेंगे, जवाब देंगे, और उसकी एक सच्ची, अंत-समय की कलीसिया में प्रवेश करेंगे।
आपकी प्रतिक्रिया
यीशु आज आपको अपने महान अंत समय कलीसिया की सुरक्षा में प्रवेश करने के लिए बुला रहा है।आप उसके लिए बहुत कीमती हैं। क्या अब आप उसकी बुलाहाट का उत्तर देंगे?
उत्तरः _______________
अनुपूरक
यह खंड आगे के अध्ययन के लिए अतिरिक्त जानकारी प्रदान करता है।
उत्पीड़न के वर्ष
बाइबल में 1,260 वर्षों के क्लेश का बार-बार उल्लेख किया गया है, क्योंकि ऐतिहासिक रूप से परमेश्वर के लोगों का सामना करने वाला अब तक का सबसे बुरा समय था (मत्ती 24:21)। इसे 1,260 दिन, 42 महीने, और साढ़े तीन समय, या वर्षों के रूप में संदर्भित किया गया है (प्रकाशितवाक्य 12:6, 14; 13:5; दानिय्येल 7:25)। यहूदी कैलेंडर, जिसमें एक वर्ष में 360 दिन होते हैं, का उपयोग करे तो तीनों का योग उतना ही समय होता है-1,260 वर्ष। एक भविष्यद्वाणी का दिन एक शाब्दिक वर्ष के बराबर होता है (यहेजकेल 4:6; गिनती 14:34)। इतिहास स्पष्ट रूप से दिखाता है कि पोपवाद वह शक्ति थी जिसने 1,260 वर्षों के लिए सताया था।
अवधि 538 ईस्वी में शुरू हुई, जब रोमन सम्राट जस्टिनियन के आदेश के अनुसार पोप सत्ता मसीही जगत में सर्वोच्च बन गई। इसमें, उसने रोम के बिशप को सभी कलीसिया के प्रमुख के रूप में स्वीकार किया था। यह पत्र जस्टिनियन की संहिता का हिस्सा बन गया जो साम्राज्य का मूल कानून था। यह अवधि 1798 में समाप्त हुई जब नेपोलियन के सेनापति, अलेक्जेंडर बर्थियर ने पोप को बंदी बना लिया। कम से कम 50 लाख मसीही उत्पीड़न की इस अवधि के दौरान अपने विश्वास के लिए मर गए।
तीन महत्वपूर्ण बिंदु
परमेश्वर के लोगों के लिए अत्यंत महत्व के तीन तथ्य प्रकाशितवाक्य 12:10-12 में प्रमाणित किए गए हैंः
ये तथ्य हैंः
1. यीशु ने क्रूस पर भाइयों के दोष लगाने वाले शैतान को हरा दिया।
2. हम सब यीशु के लहू के द्वारा और हमारी गवाही साझा कर विजय प्राप्त कर सकते हैं।
3. शैतान क्रुद्ध है क्योंकि वह जानता है कि उसका समय कम है। हम उससे एक सज्जन की तरह व्यवहार करने की उम्मीद नहीं कर सकते।
वह हमारा सबसे बड़ा दुश्मन है। संदेश यह है कि यीशु, जिसने शैतान को हरा दिया है, हमें एक मुफ्त उपहार के रूप में अपनी अतुलनीय शक्ति प्रदान करता है। हमारे जीवन में यीशु की शक्ति के साथ, हम असफल नहीं हो सकते। शैतान के कोप का हम पर असर नहीं होना चाहिए। वह एक पराजित शत्रु है। वह स्वर्ग के युद्ध में पराजित हुआ और बाहर निकाल दिया गया। वह यीशु द्वारा क्रूस पर पराजित हुआ और अपना प्रभुत्व हार गया। निर्णय में वह अपने मामले में कानूनी रूप से हार जाएगा, और जब वह परमेश्वर के पवित्र नगर पर आक्रमण करेगा, तब वह फिर पराजित होगा। अंत में, उसे आग की झील में पृथ्वी के चेहरे से विलुप्त किये जाने की हार का सामना करना पड़ेगा। और, सबसे आश्चर्यजनक बात, यीशु ने प्रतिज्ञा की है कि शैतान आपको और मुझे नष्ट करने के लिए उसकी द्वेषपूर्ण लड़ाई में पराजित होगा। यीशु से आशा का क्या ही जबरदस्त संदेश!

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