Introduction

अपनी सुरक्षा पेटी (सीट बेल्ट) कस लें! अब आप बाइबल में सबसे लंबे समय की भविष्यवाणी का पता लगाने जा रहे हैं - उस पूरी तरह से यीशु के पहले आगमन और उसकी मृत्यु के समय की भविष्यवाणी पर। अध्ययन संदर्शिका 16 में, आपने सीखा कि परमेश्वर का एक अत्यंत महत्वपूर्ण संदेश है जिसे दुनिया को मसीह की वापसी से पहले सुनना चाहिए। इस संदेश का पहला भाग लोगों को परमेश्वर की स्तुति करने और उसकी महिमा करने के लिए कहता है, क्योंकि उसके न्याय का समय आ गया है (प्रकाशितवाक्य 14:7)। दानिय्येल अध्याय 8 और 9 में, परमेश्वर ने अपने अंतिम न्याय को शुरू करने की तारीख का खुलासा किया, साथ ही ख्रीस्त के मसीह होने की शक्तिशाली भविष्यवाणियों का साक्ष्य भी देता है। इस प्रकार, पवित्रशास्त्र की कोई अन्य भविष्यवाणी इससे अधिक महत्वपूर्ण नहीं है - फिर भी कम ही लोग इसके बारे जानते हैं! जबकि दूसरे इससे बिलकुल गलत समझते हैं। इस अध्ययन संदर्शिका को शुरू करने से पहले, कृपया दानिय्येल 8 और 9 पढ़ें, और इस अद्भुत भविष्यवाणी को समझने में परमश्वेर की आत्मा को आपका मार्गदर्शन करने के लिए कहें।

The ram represents Medo-Persia. 1.दर्शन में, दानिय्येल ने दो - सींग वाले मेंढे को पश्चिम, उत्तर और दक्षिण की ओर सींग मारते देखा और उन सभी पशुओं पर विजय हासिल की जो उसके सामने आए (दानिय्येल 8:3, 4)। मेंढा किसको दर्शती है?

“जो दो सींगवाला मेढ़ा तू ने देखा है, उसका अर्थ मादियों और फ़ारसियों के राज्य से है” (दानिय्येल 8:20)।

उत्तर: मेंढा मादी-फारस के भूतपूर्व साम्राज्य का प्रतीक है, जिसे दानिय्येल 7:5 के रीछ के द्वारा भी दर्शाया गया था (अध्ययन संदर्शिका 15 देखें)। बाइबल की दानिय्येल और प्रकाशितवाक्य की किताबों की भविष्यवाणियों ने “दोहराना और विस्तार करने” के सिद्धांत का पालन किया, जिसका अर्थ है कि वे पुस्तक के पहले अध्यायों में शामिल भविष्यवाणियों को दोहराते हैं और उन पर विस्तार से विचार करते हैं। यह तरीका बाइबल की भविष्यवाणियों में स्पष्टता और निश्चितता लाता है।

The goat symbolizes Greece. 2. दानिय्येल ने अगला कौन सा विचित्र पशुओं देखा?

“और वह रोंआर बकरा यूनान का राज्य है; और उसकी आँखों के बीच जो बड़ा सींग निकला, वह पहला राजा ठहरा। वह सींग जो टूट गया और उसके बदले जो चार सींग निकले, इसका अर्थ यह है कि उस जाति से चार राज्य उदय होंगे, परन्तु उनका बल उस पहले का सा न होगा” (दानिय्येल 8:21, 22)।

उत्तर: दानिय्येल के अगले दर्शन में, विशाल सींगों वाला एक बकरा दिखा, जो बहुत तेज गति से यात्रा कर रहा था। उसने मेढ़े पर हमला किया और विजय प्राप्त की। तब उसका बड़ा सींग टूट गया और उसके स्थान पर चार सींग उठे। बकरा यूनान के तीसरे साम्राज्य का प्रतीक है, और विशाल सींग सिकंदर महान का प्रतीक है। बड़े सींग के स्थान पर उगने वाले चार सींग चार साम्राज्यों के प्रतीक है जिनमें सिकंदर के साम्राज्य को विभाजित किया गया था। दानिय्येल 7:6, में इन चार राज्यों के प्रतीक चीते के चार सिर हैं, जो यूनान का प्रतीक है। ये प्रतीक इतने उपयुक्त हैं कि इतिहास में उन्हें पहचानना आसान है।

3. According to Daniel 8:8, 9, a little horn power arose next. What does the little horn represent?3. दानिय्येल 8:8, 9 के अनुसार, एक शक्तिशाली छोटा सींग, इसके बाद उठा। छोटा सींग कि सका प्रतीक है?

The “little horn” of Daniel chapter 8 represents Rome in both its pagan & papal stages. So the little horn of the last days is the papacy.

उत्तर: छोटा सींग रोम का प्रतीक है। कुछ लोगों ने सुझाव दिया है कि यह एंटीऑकस एपिफेन्स , जो एक सेल्यूकी राजा का प्रतीक है जिसने मसीह से पहले दूसरी शताब्दी में फिलिस्तीन पर शासन किया और यहूदी उपासनाओं में बाधा डाली। घर्मसुधार के अधिकांश नेताओं समेत अन्य लोगों का मानना है कि छोटा सींग अपने मूर्तिपूजक और पोपतंत्र दोनों रूपों में रोम का प्रतीक है। आइए सबूतों की जांच करें:

क. “दोहराना और विस्तार करना” सिद्धांत के अनुसार इस शक्ति को रोम होना चाहिए, क्योंकि दानिय्येल 2 और 3 रोम की ओर इशारा करते हैं जैसे कि वह राज्य यूनान के बाद आता है। दानिय्येल 7:24-27 यह भी स्थापित करता है कि रोम के पोपतांत्रिक रूप के बाद मसीह का राज्य आएगा। दानिय्येल 8 का छोटा सींग इस प्रतिरूप को अच्छी तरह से पूरा करता है: यह यूनान के बाद आता है और यीशु के दूसरे आगमन पर, आखिर में आलौकिक रूप से नष्ट हो जाता है - “बिना किसी के खोदे”। (तुलना करें दानिय्येल 8:25 की दानिय्येल 2:34 के साथ।)

ख. दानिय्येल 8 अध्याय कहता है, मादी-फारसी “महान” बन जायेंगे (पद 4), यूनानी “बहुत महान” (पद 8), और छोटे सींग की शक्ति “अत्यधिक महान “(पद 9) हो जाएगी। इतिहास से स्पष्ट है कि रोम के अलावा कोई शक्ति नहीं है जो यूनान के बाद आई और इस्राएल पर कब्जा किया और “अत्यधिक महान” बना।

ग. रोम ने अपनी शक्ति को दक्षिण (मिस्र ), पूर्व (मैसेडोनिया), और “शानदार भूमि ” (फिलिस्तीन) को जैसी भविष्यवाणी की गई थी, फैला दिया (पद 9)। रोम के अलावा कोई बड़ी शक्ति इस तर्क में ठीक नहीं बैठती है।

. केवल रोम यीशु, “सेना के प्रधान” (पद 11) और “हाकिमों के हाकिम” (पद 25), के खिलाफ खड़ा था। मूर्ति पूजक रोम ने उसे क्रूस पर चढ़ाया। उसने यहूदी मंदिर को भी नष्ट कर दिया। और पोपतांत्रिक रोम ने प्रभावी रूप से स्वर्ग में हमारे महायाजक, यीशु की आवश्यक सेवकाई का स्थान लेने के लिए स्वर्गीय पवित्र स्थान को “गिरा दिया” (पद 11) और “अपने क़दमों तले रोंदा” (पद 13) और यीशु के कार्यों के स्थान पर स्वयं पाप क्षमा करने का दावा किया। परमेश्वर के अलावा कोई भी पाप क्षमा नहीं कर सकता (लूका 5:21)। और यीशु हमारा सच्चा महायाजक और मध्यस्थ है (1 तीमुथियुस 2:5)।

The little horn power persecuted and destroyed millions of God’s people.4. दानिय्येल 8 हमें सूचित करता है कि यह शक्तिशाली छोटा सींग भी परमेश्वर के कई लोगों को नष्ट कर देगा (पद 10, 24, 25) और सच्चाई को जमीन पर गिरा देगा (पद 12)। जब पूछा गया कि कितने समय तक परमेश्वर के लोग और स्वर्गीय पवित्र स्थान को पैर के नीचे कुचला जाएगा, तब स्वर्ग का जवाब क्या था?

“तब उसने मुझ से कहा, ‘जब तक साँझ और सबेरा दो हज़ार तीन सौ बार न हों, तब तक वह होता रहेगा; तब पवित्रस्थान शुद्ध किया जाएगा’” (दानिय्येल 8:14)।

उत्तर: स्वर्ग का जवाब यह था कि में पवित्र स्थान 2,300 दिनों की भविष्यवाणी, जो कि वास्तविक 2,300 वर्ष हैं, के बाद शुद्ध हो जाएगा, (याद रखें, बाइबल की भविष्यवाणी में एक-दिन-के-लिए-एक वर्ष का सिद्धांषांत है। यहेजकेल 4:6 और गिनती 14:34 देखें।) हमने पहले से ही सीखा है कि प्राचीन इस्राएल में प्रायश्चित के दिन पृथ्वी पर पवित्र स्थान की सफाई होती थी। उस दिन परमेश्वर के लोगों को स्पष्ट रूप से उसका पहचाना जाता था और उनके पापों का लेखा हटा दिया जाता था। जो लोग पाप में बने रहते थे वे इस्राएल से हमेशा के लिए बाहर कर दिये जाते थे। इस प्रकार शिविर पाप से शुद्ध किया जाता था। यहाँ स्वर्ग दानिययेल को आश्वासन दे रहा था कि पाप और शक्तिशाली छोटे सींग की समृद्धि हमेशा जारी नहीं रहेगी, वह सदा दुनिया को नियंत्रित नहीं करेगी, और परमेश्वर के लोगों को अंतहीन तरीके से नहीं सताएगी। बल्कि , 2,300 वर्षों में परमेश्वर स्वर्गीय प्रायश्चित के दिन या न्याय में प्रवेश करेंगे, जब पाप और अपश्चाताप पापियों की पहचान की जाएगी और बाद में ब्रह्मांड से हमेशा के लिए हटा दिया जाएँगे। इस प्रकार ब्रह्मांड पाप से मुक्त हो जाएगा। परमेश्वर के लोगों के खिलाफ अत्याचारों को लंबे समय के बाद ठीक किया जाएगा, और अदन की शांति और समानता एक बार फिर ब्रह्मांड को भर देगी।

5. What urgent point did the angel Gabriel repeatedly stress?5.स्वर्गदूत जिब्राएल ने किस ज़रूरी बात पर बार- बार ज़ोर दिया?

“हे मनुष्य के सन्तान, उन देखी हुई बातों को समझ ले, क्योंकि उनका अर्थ अन्त ही के समय में फलेगा। ... क्रोध भड़कने के अन्त के दिनों में जो कुछ होगा, वह मैं तुझे बताता हूँ ... कुछ तू ने दर्शन में देखा है उसे बन्द रख, क्योंकि वह बहुत दिनों के बाद फलेगा” (दानिय्येल 8:17, 19, 26, जोर दिया गया)।

Answer

उत्तर: जिब्राएल ने दावा किया कि 2,300 वर्षीय दर्शन में अंत समय में घटनाएं शामिल थीं, जो 1798 में शुरू हुईं, जैसा कि हमने अध्ययन संदर्शिका 15 में सीखा था। स्वर्गदूत चाहता था कि हम यह समझें कि 2,300 साल की भविष्यवाणी एक संदेश है जो मुख्य रूप से हम सभी के लिए लागू होता है जो पृथ्वी के इतिहास के अंत में जी रहे हैं। आज हमारे लिए इसका विशेष अर्थ है।

दानिय्येल अध्याय 9 का परिचय
अध्याय 8 के दानिय्येल के दर्शन के बाद, स्वर्गदूत जिब्राएल आया और उसे दर्शन की व्याख्या करना शुरू किया। जब जिब्राएल 2,300 दिनों के तर्क पर पहुंचे तो दानिय्येल बेहाश हो गया और कुछ समय तक बीमार रहा। उसने अपनी ताकत हासिल कर ली और राजकीय काम को फिर से शुरू किया लेकिन दर्शन के अस्पष्ट हिस्से –2,300 दिन, के बारे में वह बहुत चिंतित था। दानिय्येल ने अपने लोगों के लिए ईमानदारी से प्रार्थना की, उन यहूदियों के लिए जो मादी-फारस की कैद में थे। उसने अपने पापों को कबूल किया और अपने लोगों को क्षमा करने के लिए परमेश्वर से अनुरोध किया। दानिय्येल 9 पापों के प्रायश्चित के लिए बड़ी ही ईमानदारी से प्रार्थना और परमेश्वर से निवेदन के साथ शुरू होता है। कृपया इस अध्ययन संदर्शिका को आगे पढ़ने से पहले दानिय्येल 9 को अभी समय निकाल कर पढ़ें।

6. जब दानिय्येल प्रार्थना कर रहा था तब उसे किसने छुआ और उसका संदेश क्या था (दानिय्येल 9:21-23)??

उत्तर: स्वर्गदूत जिब्राएल ने उसे छुआ और कहा कि वह दानिय्येल अध्याय 8 में वर्णित शेष दर्शन को समझाने आया है (दानिय्येल 8:26 की तुलना दानिय्येल 9:23 के साथ करें)। दानिय्येल ने प्रार्थना की कि परमेश्वर उसे जिब्राएल द्वारा दिए गए परमेश्वर के संदेश को समझने में मदद करे।

7. 2,300 वर्षों में से कितने वर्ष दानिय्येल के लोगों, यानी यहूदियों और राजधानी शहर यरूशलेम के लिए “निर्धारित” (या आवंटित) (दानिय्येल 9:24) थे?

Answer

उत्तर: यहूदियों के लिए सत्तर सप्ताह “निर्धारित” थे। भविष्यवाणी के ये सत्तर सप्ताह 490 वर्षों (70 x 7 = 490) के बराबर है। परमेश्वर के लोग जल्द ही मादी-फारस में कैद से लौटने वाले थे, और परमेश्वर 2,300 वर्षों में से 490 वर्ष अपने चुने हुए लोगों को पश्चाताप करने और उसकी सेवा करने के लिए देने वाला था।

King Artaxerxes authorized the rebuilding of Jerusalem in the year 457 bc.8. 2,300 साल और 490 साल की भविष्यवाणियों (दानिय्येल 9:25) के शुरुआती बिंदु को चिह्नित करने के लिए कौन सी घटना और तारीख दी गई थी?

उत्तर: शुरूआती घटना, फारसी राजा अर्तक्षत्र का एक फरमान था जो यरूशलेम लौटने और शहर के पुनर्निर्माण के लिए परमेश्वर के लोगों (जो मादी-फारस में बंदी थे) को अधिकृत करता था। एज्रा अध्याय 7 में पाया गया फरमान 457 ई.पू. में, राजा के सातवें वर्ष (पद 7), में जारी किया गया था-और शरद (पतझड़) ऋतु में लागू किया गया था। अर्तक्षत्र ने 464 ई.पू. में अपना शासन शुरू किया।

9. The angel said that 69 prophetic weeks, or 483 literal years (69 x 7 = 483), added to 457 bc would reach to the Messiah (Daniel 9:25). Did it?9. स्वर्गदूत ने कहा कि भविष्यवाणी के 69 सप्ताह, या 483 वर्ष (69 x 7 = 483) को 457 ई.पू. में जोड़े जाने पर मसीहा (दानिय्येल 9:25) तक पहुँचा जाएगा। क्या ऐसा हुआ?

उत्तर: हाँ! गणितीय गणना से पता चलता है कि 457 ई.पू  के पतन से 483 साल आगे बढ़ने से ए.डी. 27 तक पहुंच जाता है। (नोट: कोई शुन्य वर्ष नहीं है) “मसीहा” शब्द में “अभिषिक्त ” भी है (यूहन्ना 1:41, हाशिया)। यीशु को उनके बपतिस्मा (लूका 3:21, 22) में पवित्र आत्मा (प्रेरितों 10:38) के द्वारा अभिषिक्त किया गया था। उनका अभिषेक तिबिरियुस कैसर (लूका 3:1) के शासनकाल के पंद्रहवें वर्ष में हुआ था, जो ई. 27 था। और यह कि भविष्यवाणी 500 साल पहले की गई थी! तब यीशु ने प्रचार करना शुरू किया कि “समय पूरा हो गया है।” इस प्रकार उन्होंने भविष्यवाणी की पुष्टि की (मरकुस 1:14, 15; गलतियों 4:4)। इसलिए यीशु ने वास्तव में 2,300 साल की भविष्यवाणी का जिक्र करते हुए अपनी सेवा शुरू की, इसके महत्व और सटीकता पर बल दिया। यह सत्य और रोमांचकारी सबूत है कि:

क. बाइबिल, प्रेरित है।

. यीशु, मसीहा है।

ग. 2,300 वर्ष /490 वर्ष की भविष्यवाणी में अन्य सभी तिथियाँ मान्य हैं। निर्माण करने के लिए क्या ही दृढ़ नींव!

10. अब हमने 490 साल की भविष्यवाणी के 483 वर्षों को देखा है। भविष्यवाणी की एक सप्ताह – यानी सात वर्ष - बच गए (दानिय्येल 9:26, 27) है। आगे क्या और कब होता है?

उत्तर: यीशु को “सप्ताह के मध्य में” “काटा” या “क्रूस पर चढ़ाया” गया था, जो उसके अभिषेक के बाद साढ़े तीन साल या ई. 31 के वसंत के बाद हुआ। कृपया ध्यान दें कि सुसमाचार 26वें पद में लिखा हुआ है: “उन बासठ सप्ताहों के बीतने पर अभिषिक्त पुरुष काटा जाएगा: और उसके हाथ कुछ न लगेगा।” नहीं – परमेश्वर की प्रशंसा करें! - जब यीशु को काटा गया था, यह उसके खुद के लिए नहीं था। उसको “जिसने कोई पाप नहीं किया” (1 पतरस 2:22) हमारे पापों के लिए क्रूस पर चढ़ाया गया था (1 कुरिन्थियों 15:3; यशायाह 53:5)। यीशु ने प्रेम से और स्वेच्छा से हमें पाप से बचाने के लिए जान दी। हालेलुईया! क्या उद्धारक है! यीशु के प्रायश्चित्त बलिदान दानिय्येल अध्याय 8 और 9 का हृदय है।

The disciples preached to multitudes of Jews. 11. चूँकि यीशु साढ़े तीन साल के बाद मर गया, तो आखिरी सात सालों के लिए वह “कई लोगों के साथ वाचा की पुष्टि कैसे कर सकता है”, जैसा कि दानिय्येल 9:27 में भविष्यवाणी है?

उत्तर: वाचा, उसके द्वारा लोगों को पापों से बचाने के लिए धन्य समझौता है (इब्रानियों 10:16, 17)। साढ़े तीन साल की समाप्ति के बाद, यीशु ने अपने शिष्यों के माध्यम से वाचा की पुष्टि की (इब्रानियों 2:3)। उसने उन्हें पहले यहूदी राष्ट्र (मत्ती 10:5, 6) में भेजा क्योंकि उनके चुने हुए लोगों के पास अभी भी अपने राष्ट्र के रूप में पश्चाताप करने के 490 साल के अवसर में से साढ़े तीन साल शेष थे।

After the stoning of Stephen, the disciples began preaching to the Gentiles. 12. जब यहूदी राष्ट्र के अंतिम अवसर की 490 साल की अवधि ई. 34 के शरद ऋतु में समाप्त हुई, तो शिष्यों ने क्या किया?

उत्तर: उन्होंने संसार के दूसरे लोगों और राष्ट्रों को सुसमाचार प्रचार करना शुरू किया (प्रेरितों के काम 13:46)। स्तिफनुस जो एक धार्मिक व्यक्ति था, सार्वजनिक रूप से ई. 34 में पत्थरवा से मार डाला गया। उस दिन से, यहूदी लोग, क्योंकि उन्होंने सामूहिक रूप से यीशु और परमेश्वर की योजना को खारिज कर दिया, अब परमेश्वर के चुने हुए लोग या राष्ट्र नहीं हो सकते थे। इसके बजाय, परमेश्वर अब उन सभी राष्ट्रों के लोगों की गणना आध्यात्मिक यहूदियों के रूप में करता है जो यीश को स्वीकार करते हैं और उसकी सेवा करते हैं। वे उसके चुने हुए लोग बन गए हैं - “प्रतिज्ञा के अनुसार वारिस” (गलतियों 3:27-29)। आध्यात्मिक यहूदियों में, ज़ाहिर है, वे यहूदी भी शामिल हैं जो व्यक्तिगत रूप से यीशु को स्वीकार करते हैं और उसकी सेवा करते हैं (रोमियों 2:28, 29)।

13. After AD 34, how many years of the 2,300-year prophecy remained? What is the ending date for the prophecy? What did the angel say would happen on that date (Daniel 8:14)?13. ई. 34 के बाद, 2,300 साल की भविष्यवाणी के कितने साल बचे? भविष्यवाणी के लिए अंतिम तिथि क्या है? उस तारीख के बारे में स्वर्गदूत ने क्या कहा (दानिय्येल 8:14)?

उत्तर: 1,810 वर्ष शेष थे (2,300 से 490 घटाने से = 1,810 होता है)। भविष्यवाणी के लिए समाप्ति तिथि 1844 है (ई. 34 + 1810 = 1844)। स्वर्गदूत ने कहा कि स्वर्गीय पवित्र स्थान शुद्ध किया जाएगा - यानी, स्वर्गीय न्याय शुरू होगा। (पृथ्वी का पवित्र स्थान 70 के दशक में नष्ट हो गया था।) हमने अध्ययन संदर्शिका 17 में सीखा था कि प्रायश्चित के स्वर्गीय दिन को अंत समय के लिए रखा गया था अब हम जानते हैं कि इसकी शुरुआत की तारीख 1844 है। परमेश्वर ने इस तारीख को निर्धारित किया है। यह मसीहा के रूप में यीशु के अभिषेक होने की ई. 27 की तारीख जितनी निश्चित है परमेश्वर के अंत-समय के लोगों को यह घोषणा करनी चाहिए (प्रकाशितवाक्य 14:6, 7)। अध्ययन संदर्शिका में इस फैसले के बारे में जानकार आप रोमांचित होंगे। नूह के दिन परमेश्वर ने कहा कि बाढ़ का निर्णय  120 वर्षों में होगा (उत्पत्ति 6:3) - और यह हुआ। दानिय्येल के दिनों में, परमेश्वर ने कहा कि उनका अंतिम समय का न्याय 2,300 वर्षों के बाद शुरू होगा (दानिय्येल 8:14) - और ऐसा हुआ! परमेश्वर का अंत समय का न्याय 1844 के बाद से चल रहा है।

“प्रायश्चित” का अर्थ है:
हिंदी शब्द “प्रायश्चित” का अर्थ “एक-में-जाहिर (क्रिया) - जो कि, “एक में” या समझौते की स्थिति है। यह सम्बन्ध में समानता को जताता है। मूल रूप से समानता का अस्तित्व पूरे ब्रह्माण्ड में था। फिर लूसिफर, एक शक्तिशाली स्वर्गदूत ने (जैसा कि आपने अध्ययन संदर्शिका 2 में सीखा), परमेश्वर और उसकी सरकार के सिद्धांतों को चुनौती दी। स्वर्गदूतों का एक तिहाई लूसिफर के विद्रोह में शामिल हो गया (प्रकाशितवाक्य 12:3, 4, 7-9)।

परमेश्वर और उसके प्रेमपूर्ण सिद्धांतों के विरूद्ध इस विद्रोह को बाइबल में दुष्टता या पाप कहा जाता है
(यशायाह 53:6; 1 यूहन्ना 3:4)। यह हृदय की पीड़ा, भ्रम, अव्यव स्था, त्रासदी, निराशा, दुःख, विश्वासघात, और हर तरह की बुराई लाता है। सबसे बुरी बात यह है कि इसका जुर्मा ना मृत्यु है (रोमियों 6:23) - जिसके द्वारा आग की झील में से पुनरुत्थान नहीं होता है (प्रकाशितवाक्य 21:8)। पाप तेजी से फैलता है और सबसे घातक प्रकार के कैंसर से ज्यादा घातक होता है। उसने पूरे ब्रह्मांड को खतरे में डाल दिया।

इसलिए परमेश्वर ने लूसिफर और उसके स्वर्गदूतों को स्वर्ग से बाहर कर दिया (प्रकाशितवाक्य 12:7-9), और लूसिफर को एक नया नाम मिला - “शैतान,” जिसका अर्थ है “विरोधी”। उसके साथ गिरने वाले स्वर्गदूतों को अब दुष्टआत्मा कहा जाता है। शैतान ने आदम और हव्वा को बहकाया और पाप सभी मनुष्यों पर आया। क्या ही भयानक त्रासदी! अच्छे और बुरे के बीच विनाशकारी संघर्ष पृथ्वी पर फैल गया था, और बुराई जीतने लगी थी। स्थिति निराशाजनक लग रही थी।Jesus, Cross, and Human

पर नहीं! यीशु, परमेश्वर का पुत्र, स्वयं ईश्वर, प्रत्येक पापी (1 कुरिन्थियों 5:7) के लिए दंड भुगतने के लिए, अपने जीवन का त्याग करने के लिए सहमत हो गया। यीशु के बलिदान को स्वीकार कर, पापियों को पाप की जंजीर और अपराध से मुक्त किया जाएगा (रोमियों 3:25)। यह शानदार योजना, यीशु को आमंत्रित किये जाने पर, उसे किसी भी व्यक्ति के हृदय में प्रवेश करने (प्रकाशितवाक्य 3:20) और नए व्यक्ति में बदलने, को शामिल करती है (2 कुरिन्थियों 5:17)। यह शैतान का विरोध करने और हर परिवर्तित व्यक्ति को परमेश्वर के स्वरूप में पुनः स्थापित करने के लिए प्रदान किया गया था, जिसमें सभी लोग बनाए गए थे (उत्पत्ति 1:26, 27; रोमियों 8:29)।

इस प्रायश्चित के प्रस्ताव में पाप को अलग करने और इसे नष्ट करने की योजना शामिल है - यानी शैतान, उसके साथ गिरने वाले स्वर्गदूत और विद्रोह में उसके साथ शामिल होने वाले सभी लोग (मत्ती 25:41; प्रकाशितवाक्य 21:8)। इसके अलावा , यीशु और उसकी प्रेमपूर्ण सरकार और शैतान और उसकी क्रुर तानाशाही के बारे में पूर्ण सत्य , पृथ्वी पर रहने वाले, हर व्यक्ति को पहुँचाया जाएगा ताकि हर कोई मसीह या शैतान के साथ हो जाने के लिए एक बुद्धिमान, सूचित निर्णय ले सके (मत्ती 24:14; प्रकाशितवाक्य 14:6, 7)।
Heart with cross key

प्रत्येक व्यक्ति के मामले की स्वर्गीय अदालत में जांच की जाएगी
(रोमियों 14:10-12) और परमेश्वर मसीह या शैतान की सेवा करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति की पसंद का सम्मान करेंगे (प्रकाशितवाक्य 22:11, 12)। आखिरकार, पाप को खत्म करने के बाद, परमेश्वर की योजना, नया आकाश और एक नई पृथ्वी (2 पतरस 3:13; यशायाह 65:17) बनाना है, जहाँ पाप फिर कभी नहीं उभरेगा (नहूम 1:9), और इस नई पृथ्वी को, अनंतकाल तक के लिए उनके घर के रूप में, उसके लोगों को दे देगा (प्रकाशितवाक्य 21:1-5)। तब पिता और पुत्र हमेशा अपने लोगों के साथ पूर्ण खुशी और संगति में रहेंगे।

यह सब “प्रायश्चित” में शामिल है। परमेश्वर ने हमें इसके पवित्र वचनों में सूचित किया है और इसे पुराने नियम की पवित्र स्थान की सेवाओं में प्रदर्शित किया है - विशेष रूप से प्रायश्चित का दि न। यीशु इस की एकमात्र कुंजी है। हमारे लिए उसका प्रेमपूर्ण बलिदान यह सब संभव बनाता है। हमारे जीवन में, और ब्रहषांड में, पाप से छुटकारा पाना केवल उसके माध्यम से संभव है (प्रेरितों 4:12)। कोई आश्चर्य नहीं कि दुनिया के लिए स्वर्ग का तीन-सूत्रीय अंतिम संदेश हम सभी को उसकी स्तुति करने के लिए बुलाता है (प्रकाशितवाक्य 14:6-12)।

14. कुछ बाइबल अनुवादकों ने, यहूदी राष्ट्र को दिए गए 490 वर्षों के आखिरी सप्ताह (या सात वर्ष ) को क्यों अलग किया और पृथ्वी के इतिहास के अंत में इसे ख्रीष्ट विरोधी के काम पर आंवटित किया?

Answer

उत्तर: आइए तथ्यों की समीक्षा करें:

क. 490-वर्ष की भविष्यवाणी के किसी भी वर्ष के बीच अंतर डालने के लिए कोई दशा या साक्ष्य नहीं है। यह निरंतर है, जैसा कि दानिय्येल 9:2 में वर्णित परमेश्वर के लोगों के लिए निष्कासन के 70 साल थे।

ख. पवित्रशास्त्र में कहीं भी नहीं पाया जाता है कि काल (दिन, सप्ताह, महीने, साल) निरन्तर नहीं है। इस प्रकार, सबूत का बोझ उन लोगों पर है जो दावा करते हैं कि किसी भी समय भविष्यवाणी के किसी भी हिस्से को अलग किया जाना चाहिए और बाद में गिना जाना चाहिए।

ग. ई. 27 (यीशु के बपतिस्मा का वर्ष ) भविष्यवाणी के अंतिम सात वर्षों की शुरुआत की तारीख थी, जिसे यीशु ने
तुरंत प्रचार करके जोर दिया, “समय पूरा हो गया है” (मरकुस 1:15)।

घ. ई. 31 के वसंत में उनकी मृत्यु के पल में, यीशु रोया, “यह समाप्त हो गया है” (यूहन्ना 19:30)। यहाँ उद्धारकर्ता स्पष्ट रूप से दानिय्येल अध्याय 9:1 में किए गए उनकी मृत्यु की भविष्यवाणियों का जिक्र कर रहा था।
1. “मसीहा” “काटा“ जाएगा (पद 26)।

2. वह “भेंट और बलिदान का अन्त” करेगा (पद 27), क्योंकि वह परमेश्वर के सच्चे मेम्ने के रूप में मरा (1 कुरिन्थियों 5:7; 15:3)।

3.वही “दुष्टता के लिए समाधान” करेगा (पद 24)।

4. वह “आधे ही सप्ताह के बीतने पर” मरेगा (पद 27)।

490 वर्षों के अंतिम सात वर्षों (भविष्यवाणी सप्ताह) को अलग करने के लिए बाइबल में कोई कारण नहीं है। दरअसल, 490 साल की भविष्यवाणी से अंतिम सात सालों को अलग करने से, दानिय्येल और प्रकाशितवाक्य की किताबों के कई भविष्यवाणियों के वास्तविक अर्थ इतने विकृत हो जाते हैं कि लोग उन्हें सही ढंग से समझ नहीं पाते हैं। इससे भी बदतर, सात साल के अंतराल का सिद्धांत लोगों को भटका रहा है

15. यीशु का प्रायश्चित्त बलिदान आपके किया गया था। क्या आप उसे पाप से शुद्ध करने और आपको एक नया व्यक्ति बनाने के लिए अपने जीवन में आमंत्रित करेंगे?

आपका उत्तर:


आपके प्रश्नों के उत्तर


1. दानिय्येल अध्याय 7 और दानिय्येल अध्याय 8 में एक शक्तिशाली छोटा सींग दिखाई देता है। क्या वे एक ही शक्ति हैं?

उत्तर: दानिय्येल 7 का शक्तिशाली छोटा सींग पोपतंत्र का प्रतीक है। दानिय्येल 8 की शक्तिशाली छोटा सींग मूर्तिपूजक और पोपतांत्रिक रोम दोनों का प्रतीक है।

2. दानिय्येल 8:14 के “दो हजार तीन सौ दिन”, इब्री से शाब्दिक रूप से अनुवादित “दो हजार तीन सौ शाम और सुबह” हैं। क्या इसका मतलब 1,150 दिन है, जैसा कि कुछ लोग मानते हैं?

उत्तर: नहीं। उत्पत्ति 1:5, 8, 13, 19, 23, 31 में बाइबल दिखाती है कि एक शाम और सुबह एक दिन के बराबर होती है। इसके अलावा , 1,150 दिनों के अंत में इतिहास में कोई घटना नहीं हुई जो इस भविष्यवाणी को पूरा करे।

3. मसीही के जीवन में, ‘चुनाव’ की क्या भूमिका है?

उत्तर: हमारा चुनाव एक प्रमुख भूमिका निभाता है। परमेश्वर का तरीका, हमेशा ‘चुनाव ’ की स्वतंत्रता रही है (यहोशू 24:15)। हालांकि वह हर व्यक्ति को बचाना चाहता है (1 तीमुथियुस 2:3, 4), वह मुक्त रूप से विकल्प चुनने की अनुमति देता है (व्यवस्थाविवरण 30:19)। परमेश्वर ने शैतान को विद्रोह करने का विकल्प चुनने की अनुमति दी। उन्होंने आदम और हव्वा को आज्ञा उल्लंघन का चयन करने की अनुमति भी दी। ‘धार्मिकता’ कभी भी निश्चित किया गया प्रावधान नहीं है, जो मनुष्य को स्वर्ग ले जाएगा, चाहे वह किसी प्रकार से भी पृथ्वी पर अपना जीवन व्यतीत करता हो-और यहाँ तक कि अगर वह नहीं भी जाना चाहता हो तब भी। “चुनाव ” का मतलब है कि आप हमेशा अपना मन बदलने के लिए स्वतंत्र होते हैं। यीशु, आपको उसे चुनने के लिए (मत्ती 11:28-30) और प्रति दिन अपने चयन की पुष्टि करने को कहता है (यहोशू 24:15)। जब आप ऐसा करते हैं, तो वह आपको बदल देगा और आपको अपनी तरह बना देगा और अंत में, आपको अपने नए साम्राज्य में ले जाएगा। लेकिन कृपया याद रखें, आप हमेशा किसी भी समय मुड़ कर दूसरी दिशा में जाने के लिए स्वतंत्र हैं। परमेश्वर आपको मजबूर नहीं करेगा। इसलिए, प्रभु की सेवा करने के लिए आपकी हर दिन की मर्ज़ी , ज़रूरी है।

4. बहुत से लोग मानते हैं कि सेल्यूकी राजा एंटीऑकस एपिफेन्स दानिय्येल 8 का शक्तिशाली छोटा सींग है। हम कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं कि यह सच नहीं है?

उत्तर: इसके कई कारण हैं। उनमें से यहाँ कुछ हैं:

क. एंटीऑकस एपिफेन्स“अत्यधिक महान” नहीं बना, जैसा भविष्यवाणी कहती है (दानिय्येल 8:9)।

ख. उन्होंने “बाद के समय” या सेल्यूकी साम्राज्य के अंत में शासन नहीं किया, जैसा कि भविष्यवाणी कहती है (दानिय्येल 8:23), बल्कि , लगभग बीच के समय में।

ग. जो लोग यह सिखाते हैं, कि एपिफेन्स वह छोटा सींग है वे 2,300 दि नों को भविष्यवाणी के दिनों के बजाय, शाब्दिक दिनों के रूप में गिनते हैं-प्रत्येक दिन, एक वर्ष के बराबर होता है। छह साल से अधिक के इस शाब्दिक समय में दानिय्येल अध्याय 8 के लिए कोई सार्थक उपयोग नहीं है। इस शाब्दि क समय अवधि को सटीक करने के सभी प्रयासों में एपिफेन्स विफल रहे हैं।

घ. छोटा सींग अभी भी “अंत के समय” पर मौजूद है (दानिय्येल 8:12, 17, 19), जबकि 164 ई.पू. में एपिफेन्स की मृत्यु हो गई।

ङ. छोटे सींग को दक्षिण, पूर्व और फिलिस्तीन (दानिय्येल 8:9) में “बेहद महान” बनना था। हालांकि एपिफेन्स ने थोड़ी देर के लिए फिलिस्तीन पर शासन किया था, लेकिन मिस्र (दक्षिण) और मैसेडोनिया (पूर्व ) में उन्हें लगभग कोई सफलता नहीं मिली थी।

च. छोटा सींग, परमेश्वर के पवित्र स्थान (दानिय्येल 8:11) के स्थान को ध्वस्त करता है। एपिफेन्स ने यरूशलेम के मंदिर को नष्ट नहीं किया था। उसने इसे अपवित्र किया, लेकिन रोमियों ने 70 ए.डी. में इसे नष्ट कर दिया था। उसने भविष्यवाणी के अनुसार यरूशलेम को भी नष्ट नहीं किया था (दानिय्येल 9:26)।

छ. मसीह ने दानिय्येल 9:26 और 27 के घृणित विनाश को, 167 ई.पू. में एपिफेन्स के पिछले अत्याचारों पर प्रयुक्त नहीं किया बल्कि तत्काल भविष्य के लिए किया जब रोमी सेना ई. 70 (लूका 21:20-24) में यीशु कि अपनी पीढ़ी में, यरूशलेम और मंदिर को नष्ट कर देनेवाली थी। मत्ती 24:15 में, यीशु ने विशेष रूप से दानिय्येल नबी का उल्लेख किया, और कहा कि यीशु के बारे में दानिय्येल 9:26, 27 की भविष्यवाणी तब पूरी की जाएगी, जब मसीही लोग देखेंगे (भविष्य में), कि विनाश की घृणा, “यरूशलेम में पवित्र स्थान पर” पूरी की जायगी। यह बात इतनी स्पष्ट है कि इसे गलत नहीं समझा जा सकता।

ज. यीशु ने स्पष्ट रूप से, यरूशलेम के विनाश को, उनके अपने राजा और उद्धारकर्ता के रूप में स्वीकार करने से इस्राएल के अंतिम इनकार को संबंधित किया (मत्ती 21:33-45; 23:37, 38; लूका 19:41-44)। मसीहा को अस्वीकार करने और शहर और मंदिर के विनाश के बीच यह रिश्ता दानिय्येल 9:26, 27 का महत्वपूर्ण संदेश है। यह एक संदेश है जो इस्राएल के मसीहा के निरंतर अस्वीकृति के परिणामों की घोषणा करता है - यहाँ तक कि उसे चुनने के लिए अतिरिक्त 490 साल दिए जाने के बाद भी। भविष्यवाणी में एंटीऑकस एपिफेन्स को लागू करना, यीशु के जन्म से बहुत पहले, जो 164 ई.पू. में मर गया था, दानिय्येल अध्याय 8 और 9 के अर्थ को नष्ट कर देता हैं - जिसमें बाइबल की सबसे महत्वपूर्ण समय वाली भविष्यवाणी है।


सारांश पत्र


1. दानिय्येल 8 का मेंढा दर्शाता हैं (1)

_____ बाबुल
_____ मादी-फारस।
_____ यूनान।
_____ रोम।

2. दानिय्येल 8 का बकरा किसका प्रतीक है? (1)

_____  मिस्र
_____ फिलिस्तीन।
_____  यूनान।
_____ अश्शूर।

3. दानिय्येल 8 का शक्तिशाली छोटा सींग किसका प्रतीक है (1)

_____  एंटीऑकस एपिफेन्स।.
_____  रोम, अपने मूर्तिपूजक और पोपतांत्रिक चरणों में।
_____ नास्तिकता।
_____ इराक

4. प्राचीन इज़राइल में प्रायश्चित का दिन न्याय का दिन था। (1)

_____  हाँ ।
_____ नहीं।

5. 2,300 साल में से कितने साल यहूदियों को दिए गए थे? (1)

_____   490 वर्ष ।
_____   700 वर्ष ।
_____   1810 वर्ष ।
_____   100 वर्ष ।

6. बाइबल की भविष्यवाणी में, भविष्यवाणी का एक दिन एक वर्ष के बराबर होता है। (1)

_____ हाँ
_____ नहीं।

7. 2,300 वर्षों की भविष्यवाणी (इसके होने से 500 साल पहले) ने यह पूर्वानुमान लगाया कि मसीहा ई. 27 में दिखाई देगा। वह सही समय पर दिखाई दिए। यह साबित करता है कि  (3)

_____  बाइबिल प्रेरित है।
_____  स्वर्गदूत जिब्राएल ने भाग्यशाली अनुमान लगाया।
_____  भविष्यवाणी की अन्य सभी तिथियां सटीक हैं।
_____ यीशु मसीह है।

8. जब यहूदी राष्ट्र को आवंटित 490 वर्ष 34 ए.डी. में समाप्त हुए, तो शिष्यों ने क्या किया ? (1)

_____  उन्होंने अन्य राष्ट्रों के लोगों को प्रचार करना शुरू किया।
_____ उन्होंने एक लंबी छुट्टी ली।
_____ उन्होंने कहा कि 34 ई. के बाद कभी भी कोई यहूदी बचाया नहीं जाएगा।

9. दानिय्येल अध्याय 8 और 9 की 2,300 साल की भविष्यवाणी के अनुसार, 1844 में क्या हुआ? (1)

_____ न्याय स्वर्ग में शुरू हुआ।
_____ यहूदी राष्ट्र के लिए दया का समय समाप्त हो गया।
_____ यीशु स्वर्ग गया।
_____ परमेश्वर ने सभी लोगों के लिए दया का समय को समाप्त कर दिया।

10.प्रायश्चित्त का स्वर्गीय दिन, या “एक-में-जाहिर”, समस्त ब्रह्मांड को परमेश्वर के साथ पूर्ण तालमेल में लाएगा। निम्नलिखित में से कौन सा बयान प्रायश्चित्त के कुछ पहलुओं के बारे में सच बताता है? (10)

_____ यीशु ने हमारी मृत्युदंड का भुगतान करने के लिए अपने जीवन का त्याग किया।
_____  यीशु ने हमें पाप के अपराध से मुक्त किया।
_____  यीशु हमें बदल देता है और हमें पूरी तरह से नया मानव बना देता है।
_____ यीशु हमें परमेश्वर के स्वरूप के लिए पुनः स्थापित करता है।
_____ स्वर्गीय अदालत में, परमेश्वर मसीह या शैतान की सेवा करने के हर व्यक्ति के चुनाव का सम्मान करते हैं।
_____ पृथ्वी के हर एक व्यक्ति तक जगत के लिए शैतान की नाश करने की योजना और लोगों को बचाने की परमेश्वर की महिमामयी योजना के बारे मे पूरी जानकारी जाएगी।
_____  पाप, शैतान और पापियों को अलग करके नष्ट कर दिया जाएगा।.
_____  परमेश्वर अपने लोगों के लिए नया आकाश और एक नई पृथ्वी बनाएगा और उनके साथ रहेगा।
_____  पाप फिर कभी नहीं उभरेगा।
_____ कलवरी पर यीशु के बलिदान से प्रायश्चित सम्भव किया गया है।
_____ शैतान और उसके स्वर्गदूतों को परिवर्तित करके बचाया जाएगा।

11. सप्ताह-सात वर्षों को अलग करने और दुनिया के इतिहास के अंत में इसे ख्रीष्ट- विरोधी के काम के लिए उपयुक्त करने का कोई बाइबल में कारण नहीं है।(1)

_____  सत्य
_____ असत्य।

12. ई. 34 में,, (3)

_____  यहूदियों के लिए परमेश्वर के चुने हुए राष्ट्र के रूप में दया समाप्त हुई।
_____  शिष्यों ने अन्य लोगों और राष्ट्रों के लिए प्रचार करना शुरू किया।
_____ स्तीफनुस, जो एक धर्मी प्रचारक था, पत्थरों से मार डाला गया था।
_____  स्वर्ग में न्याय आरम्भ हो गया।

13. 2,300 दिन की समय अवधि शुरू हुई (1)

_____  ई. 34
_____   1944
_____   1491 ई.पू..
_____   457 ई.पू.

14. दानिय्येल और प्रकाशितवाक्य की भविष्यवाणियाँ मुख्य रूप से हमारे और हमारे समय पर लागू होती हैं (1)

_____  हाँ ।
_____  नहीं।

15. मैंने अपने जीवन के लिए मसीह के प्रायश्चित करने वाले बालिदान को स्वीकार कर लिया है और मुझे पाप से मुक्त करने के लिए आमंत्रित किया है।

_____  हाँ ।
_____ नहीं।